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स्तनपान एवं पोषण
छह महीनों तक
केवल स्तनपान जीवन की बेहतरी शुरूआत

स्तनपान:-
शिशु
जन्म के पश्चात्
स्तनपान
एक स्वाभाविक
क्रिया है।
हमारे देश
में सभी माताऍं
अपने शिशुओं
का स्तनपान
कराती हैं,
परन्तु पहली
बार मॉं बनने
वाली माताओं
को शुरू में
स्तनपान
कराने हेतु
सहायता की
आवश्यकता
होती है। स्तनपान
के बारे में
सही ज्ञान
के अभाव में
बच्चों में
कुपोषण का
रोंग एवं
संक्रमण से
दस्त हो जाता
है।
मॉं
का दूध सर्वोतम
आहार:-
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एकनिष्ठ
स्तनपान
का अर्थ जन्म
से छः माह
तक के बच्चे
को मॉं के
दूध के अलावा
पानी का कोई
ठोस या तरल
आहार न देना।
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मॉं
के दूध में
काफी मात्रा
में पानी होता
है जिससे छः
माह तक के
बच्चे की
पानी की आवश्यकताऍं
गर्म और शुष्क
मौसम में भी
पूरी हो सके।
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मॉं
के दूध के
अलावा बच्चे
को पानी देने
से बच्चे
का दूध पीना
कम हो जाता
है और संक्रमण
का खतरा बढ
जाता है।
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प्रसव
के आधे घण्टे
के अन्दर-अन्दर
बच्चे के
मुंह में स्तन
देना चाहिए।
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ऑपरेशन
से प्रसव कराए
बच्चों को
4 - 6 घण्टे के
अन्दर जैसे
ही मॉं की
स्थिति ठीक
हो जाए, स्तन
से लगा देना
चाहिए।
प्रथम
दूध (कोलोस्ट्रम):-
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प्रथम
दूध(कोलोस्ट्रम)
यानी वह गाढा,
पीला दूध जो
शिशु जन्म
से लेकर कुछ
दिनों ( 4 से
5 दिन तक) में
उत्पन्न
होता है, उसमें
विटामिन, एन्टीबॉडी,
अन्य पोषक
तत्व अधिक
मात्रा में
होते हैं।
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यह
संक्रमणों
से बचाता है,
प्रतिरक्षण
करता है और
रतौंधी जैसे
रोगों से बचाता
है।
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स्तनपान
के लिए कोई
भी स्थिति
, जो सुविधाजनक
हो, अपनायी
जा सकती है।
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कम
जन्म भार
के और समय
पूर्व उत्पन्न
बच्चे भी
स्तनपान
कर सकते हैं।
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यदि
बच्चा स्तनापान
नहीं कर पा
रहा हो तो
एक कप और चम्मच
की सहायता
से स्तन से
निकला हुआ
दूध पिलायें।
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बोतल
से दूध पीने
वाले बच्चों
को दस्त रोग
होने का खतरा
बहुत अधिक
होता है अतः
बच्चों को
बोतल से दूध
कभी नहीं पिलायें।
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यदि
बच्चा 6 माह
का हो गया
हो तो उसे
मॉं के दूध
के साथ- साथ
अन्य पूरक
आहर की भी
आवश्यकता
होती हैं।
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इस
स्थिति में
स्तनपान
के साथ - साथ
अन्य घर में
ही बनने वाले
खाद्य प्रदार्थ
जैसे मसली
हुई दाल, उबला
हुआ आलू, केला,
दाल का पानी,
आदि तरल एवं
अर्द्व तरल
ठोस खाद्य
प्रदार्थ
देने चाहिए,
लेकिन स्तनपान
11/2 वर्ष तक कराते
रहना चाहिए।
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यदि
बच्चा बीमार
हो तो भी स्तनपान
एवं पूरक आहार
जारी रखना
चाहिए स्तनपान
एवं पूरक आहार
से बच्चे
के स्वास्थ्य
में जल्दी
सुधार होता
है।
बच्चों
के लिए आहार
(6 से 12 महिनें):-
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स्तनपान
के साथ-साथ
बच्चों को
अर्धठोस आहार,
मिर्च मसाले
रहित दलिया
/ खिचडी, चॉंवल,
दालें, दही
या दूध में
भिगोई रोटी
मसल कर दें।
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एक
बार में एक
ही प्रकार
का भोजन शुरू
करें।
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मात्रा
व विविधता
धीरे-धीरे
बढाऍ।
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पकाए
एवं मसले हूए
आलू, सब्जियॉं,
केला तथा अन्य
फल बच्चे
को दें।
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शक्ति
बढाने के लिए
आहार में एक
चम्मच तेल
या घी मिलाएं।
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स्तनपान
से पहले बच्चे
को पूरक आहार
खिलाएं।
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