राष्‍ट्रीय मलेरिया रोधी कार्यक्रम

  • वर्ष 2006 में मलेरिया वार्षिक योजना के अनुसार राज्य की 32.90 लाख की जनसंख्या को अति संवेदनशील मानते हुए 31.49 लाख की जनसंख्या पर डी.डी.टी. तथा 1.40 लाख की जनसंख्या पर आधुनिक एवं अधि प्रभावी सिन्थैटिक पायरेथ्राईड के दो चक्र में नियमित छिडकाव करवाया गया ।
  • राज्य में 34345 निःशुल्क औषधि वितरण केन्द्र, 1498 ज्वर उपचार केन्द्र, 11243 उप केन्द्र व 1605 मलेरिया क्लिनिक कार्यरत हैं ।
  • सभी जिलो में कन्ट्रोल रूम व त्वरित कार्यवाही दलों को सचेत कर दिया गया है तथा सभी जिलों में आगामी तीन माह हेतु आवश्यक मलेरिया रोधी दवाईयां एवं कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी गई है ।
  • वर्ष 2005 एवं 2006 में मोबाईल टीमे लगाकर पी.एफ. रोगियों का तुरन्त उपचार एवं फॉलोअप की व्यवस्था को अधिक सुदढ बनाया गया है1 इस वर्ष भी संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय मोबाईल दल अभी से लगा दिये गये है ।
  • राज्य के समस्त जिलों को कम्प्यूटर नेटवर्क से जोड दिया गया है एवं जिलों से सूचनाऐं इन्टरनेट के माध्यम से प्राप्त की जा रही है ।
  • राज्य के 12 जिलों को अधिक संवेदनशील चिन्हित करते हुये 1800 मलेरिया लिंक वर्कर लगाये जा रहे है ।
  • जिलों में मलेरिया संवर्ग के वरिष्ठ जिला जन स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों, जिला जन स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों को कार्य व्यवस्था के अन्तर्गत पातेय वेतन पर रिक्त पदों के विरूद पदस्थापन किया गया है ।