राजस्‍थान सरकार

चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य सेवाऐं,  राजस्‍थान,  जयपुर

सूचना का अधिकार, 2005 की धारा 4 (1) के अन्‍तर्गत विभागीय मैन्‍युएल

 

1. मैन्‍यूएल का उद्देश्‍यः-

           सूचना का अधिकार,  अधिनियम 2005 के तहत चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग(जन स्‍वास्‍थ्‍य) में होने वाले कार्यो की सूचना एवं प्रक्रिया से जन साधारण को अवगत कराने के लिए इस हस्‍तपुस्तिका का प्रकाशन किया जा रहा है। इस पुस्तिका में विभाग में कार्यरत कर्मचारियों,  अधिकारियों एवं उनके द्वारा सम्‍पादित कर्तव्‍यों का ब्‍यौरा तथा विभाग में जिन अधिनियम,  नियमों के तहत कार्य संचालन होता है, कि विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध है।
1.6 हस्‍तपुस्तिका में समायोजित विषयों के संबंध में विस्‍तृत जानकारी तथा अन्‍य जानकारी के लिये संपर्क व्‍यक्ति- अति. निदेशक (राजपत्रित) निदेशालय चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें,  राजस्‍थान, जयपुर।

2.1 विभाग का संगठन, उद्देश्‍य एवं कार्यः-

2.2  विभाग के उद्देश्‍यः-

            स्‍वस्‍थ्‍य नागरिक राष्‍ट्र एवं समाज की मानवीय सम्‍पत्ति है। व्‍यक्ति के अस्‍वस्‍थ्‍य होने पर उसकी कार्य क्षमता में कमी आती है, जिससे सम्‍पूर्ण  राष्‍ट्र एवं समाज के समग्र विकास पर विपरीत प्रभाव पडता है। अतः जनहित की दृष्टि से सरकार नागरिकों को चिकित्‍सा सुविधायें उपलब्‍ध करवाती है। वर्ष 2002 के ध्‍येय समस्‍त नागरिकों के लिए ''अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के स्‍वीकार्य स्‍तर'' की  प्राप्ति हेतु प्रतिबद्व है। इस कार्य को सम्‍पन्‍न करने हेतु शीर्ष संस्‍था के रूप में निदेशालय चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य सेवाऍं,  (जन स्‍वास्‍थ्‍य) राजस्‍थान,  जयपुर राज्‍य के नागरिकों को समुचित एवं गुणवत्‍तापूर्ण सेवाऍं उपलब्‍ध कराने के लिए राज्‍य सरकार की नीतियों के अनुरूप योजनाओं का निर्माण कर उन्‍हे कार्य रूप में परिणित करती है। राज्‍य के समस्‍त नागरिकों को अधिकाधिक लाभान्वित करने तथा उत्‍कृष्‍ट सेवाओं की उपलब्‍धता के प्रयोजनार्थ विभाग चिकित्‍सा सुविधाओं का निरन्‍तर विस्‍तार कर रहा है। संचारी,  गैर-संचारी तथा अन्‍य सामान्‍य व गम्‍भीर रोगों की रोकथाम,  नियन्‍त्रण व उन्‍मूलन हेतु विभाग उपचारात्‍मक,  निरोधात्‍मक तथा प्रोत्‍साहक उपायों के रूप में निरन्‍तर सेवाऐं प्रदान कर रहा है। राज्‍य में क्षय रोग,  मलेरिया,  अन्‍धता, एड्स आदि रोगों पर नियन्‍त्रण तथा कुष्‍ठ रोग के उन्‍मूलन हेतु राष्‍ट्रीय कार्यक्रम भी विभाग द्वारा संचालित किये जा रहे हैं।

            उपचार सुविधाओं में निरन्‍तर वृद्वि से रोग की प्रबलता तथा मृत्‍यु की गहनता में कमी आई है। जनजातीय एवं मरूस्‍थलीय क्षेत्रों में संजीवनी योजना के माध्‍यम से विशेषज्ञ चिकित्‍सकों की सेवाओं की उपलब्‍धता तथा जनजातीय उपयोजना व सहरिया क्षेत्रों की जनता हेतु, सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों की कमी दूर करने का सघन अभियान भी चलाया जा रहा है।

राज्‍य सरकार द्वारा गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के असाध्‍य एवं गम्‍भीर रोगों से ग्रस्‍त व्‍यक्तियों हेतु ''मुख्‍यमन्‍त्री जीवन रक्षा कोष''  तथा जॉंच एवं उपचार की सुविधा हेतु '' चिकित्‍सा सुविधा कार्ड''  नामक अनूठी योजनाऍं राज्‍य में लागू की हैं,  इनसे लाभान्वित होने वालों की संख्‍या में प्रतिवर्ष उत्‍तरोत्‍तर प्रगति हो रही है।

2.3 विभाग का संगठनः-

         चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के विभागाध्‍यक्ष प्रमुख शासन सचिव है। विभाग की मुख्‍यालय एवं अधीनस्‍थ कार्यालयों की संरचना निम्‍न प्रकार हैः-

आरटीआई एक्‍ट 2005 के तहत लोक सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी के संबंध में। क्रमांक:-2017 दिनांक 21/02/2017

(क) मुख्‍यालय की संरचना                     (प्रति संलग्‍न है। )

क्र. सं. अधिकारी शक्तियॉं एवं दायित्‍व (प्रशासनिक वित्‍तीय एवं अन्‍य)
1 निदेशक,  जन स्‍वास्‍थ्‍य प्रशासनिकः- चि.अ. की नियुक्ति, स्‍थानान्‍तरण, अनुशासनात्‍मक कार्यवाही आदी।
वित्‍तीयः- जी.एफ एण्‍ड आर भाग 3 के तहत
अन्‍यः- राज्‍य खाद्य स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी खाद्य अपमिश्रण अधिनियम 1954 का क्रियान्‍वयन बजट आवंटन एवं नियन्‍त्रण।

 

 

2 अति‍रिक्‍त निदेशक,  राजपत्रित
निदेशक के निर्देशानुसार कार्य सम्‍पादन, चिकित्‍सा अधिकारियों का संस्‍थापन कार्य, राज्‍य सरकार के निर्देशानुसार अन्‍य सभी चिकित्‍सा संवर्ग के अधिकारियों का संस्‍थापन कार्य।
3 अतिरिक्‍त निदेशक, ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य
राष्‍ट्रीय वेक्‍टर बोर्न (कीटजनित) रोग नियन्‍त्रण कार्यक्रम राष्‍ट्रीय संक्रामक रोग कार्यक्रम एवं समस्‍त मौसमी बीमारियों का नियन्‍त्रण एवं मोनिटरिंग कार्य पी.एफ.ए एक्‍ट 1954 के नियमानुसार राज्‍य, स्‍थानीय, स्‍वास्‍थ्‍य प्राधिकारी, आयोडित अल्‍पता विकार नियन्‍त्रण कार्यक्रम की मोनिटरिंग।  शाला स्‍वास्‍थ्‍य तथा सूक्ष्‍म पोषक तत्‍व सम्‍पूरक कार्यक्रम की मोनिटरिंग।
4 संयुक्‍त निदेशक, योजना
विभाग से संबंधित विधानसभा प्रश्‍नों का उत्‍तर तैयार कर भिजवाना व विभागीय गतिविधियों के विस्‍तार की नवीन योजना प्रस्‍ताव तैयार कर क्रियान्‍वयन करना।
5 वित्‍तीय सलाहकार (बजट एवं लेखा)
विभाग को प्राप्‍त होने वाले सभी बजट को सभी संबंधित को निदेशक (जन.स्‍वा.) के निर्देशानुसार आवंटित करना व व्‍यय के लेखा एवं नियन्‍त्रण रखना वित्‍तीय नियमों,  लेखों,  मितव्‍ययता बरतने संबंधी समस्‍त वित्‍तीय नियमों के प्रवर्तन, सरकारी बकायों की वसूली, भुगतानों, क्रयों तथा कार्यालयों में उचित वित्‍तीय आन्‍तरिक नियन्‍त्रण करने में तथा यह सुनिश्चित करने, कि सरकारी निधियों या सामानों का किसी भी स्‍तर पर दुरूपयोग नहीं हो रहा है, आदि समस्‍त मामलों में विभागाध्‍यक्ष के सलाहकार हैं।
6 सयुक्‍त निदेशक (अंधता) एवं नोडल अधिकारी, अन्‍धता नियन्‍त्रण कार्यक्रम
राष्‍ट्रीय अंधता नियन्‍त्रण कार्यक्रम की राज्‍य में क्रियान्विती सुनिश्चित करना तथा भौतिक एवं वित्‍तीय लक्ष्‍यों की मानिटरींग करना प्राप्‍त बजट को गठित सोसाइटी के माध्‍यम से सभी संबंधित को आवंटित करना व आय व्‍यय विवरण केन्‍द्र/ राज्‍य सरकार को भिजवाना व कार्यक्रम की मोनिटरिंग करना।
7 राज्‍य क्षय रोग अधिकारी एवं नोडल ऑफिसर राज्‍य क्षय रोग कार्यक्रम
राष्‍ट्रीय क्षय नियन्‍त्रण कार्यक्रम का राज्‍य में क्रियान्विती सुनिश्चित करना तथा भोतिक एवं वित्‍तीय लक्ष्‍यों की मानिटरींग करना प्राप्‍त बजट को गठित सोसाइटी के माध्‍यम से सभी संबंधित को आवंटित करना व आय व्‍यय विवरण केन्‍द्र / राज्‍य सरकार को भिजवाना।
8 राज्‍य कुष्‍ट रोग अधिकारी
राष्‍ट्रीय कुष्‍ठ रोग उन्‍मुलन कार्यक्रम का राज्‍य में क्रियान्विती सुनिश्चित करना तथा भौतिक एवं वित्‍तीय लक्ष्‍यों की मोंनिटरींग करना प्राप्‍त बजट को गठित सोसाइटी के माध्‍यम से सभी संबंधित को आवंटित करना व आय व्‍यय विवरण केन्‍द्र/ राज्‍य सरकार को भिजवाना व कार्यक्रम की मोनिटरिंग करना।
9 मुख्‍य लेखाधिकारी (स्‍टोर परचेज)
ओषधियों एवं चिकित्‍सा उपकरणों के क्रय के क्रम में वार्षिक दर संविदा करने तथा One time purchase की कार्यवाही वित्‍तीय नियमों व विभागीय निर्देशों के अनुरूप करना

 

4.1  प्राधीकरण अथवा उसके अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा अपने कृत्‍य के निर्वाहन के लिये धारित तथा प्रयोग किये जाने वाले नियम, विनियम,  अनुदेश,  निर्देशिका और अभिलेख की निम्‍न प्रारूप पर प्रस्‍तुत करें।

  1. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954

  2. सामान्‍य वित्‍तीय एवं लेखा नियम

  3. मेडिकल अटेण्‍डेन्‍स रूल्‍स (चिकित्‍सा परिचर्चा नियम)

  4. यात्रा भत्‍ता नियम

  5. राजस्‍थान सिविल सेवा ( नियन्‍त्रण एवं वर्गीकरण एवं अपील नियम, सी.सी.ए. रूल्‍स

  6. राजस्‍थान चिकित्‍सा सेवा नियम 1963

  7. मानव अंग प्रत्‍यारोपण अधिनियम (HOTA)

5.1     नीति निर्धारण हेतुः-
     लोक प्राधीकरण द्वारा नीति निर्धारण के संबंध में जनता या जन प्रतिनिधि को परामर्श/भागीदारी का कोई प्रावधान नियम के अर्न्‍तगत नहीं है।

5.2   नीति के कार्यान्‍वयन हेतुः-
     लोक प्राधीकरण द्वारा नीति के कार्यान्‍वयन के संबंध में जनता या जन प्रतिनिधियों से / को परामर्श के रूप में विभिन्‍न राज्‍य एवं जिला स्‍तर की समितियों में भाग लेने हेतु राज्‍य सरकार द्वारा मनोनित सदस्‍यों के रूप में व्‍यवस्‍था दी गयी है।

6.1    लोक प्राधिकरण के पास या उसक नियंत्रण में उपलब्‍ध दस्‍तावेजों के प्रयोग के अनुसार विवरणः-
       अधिकारियों की निजी पत्रावली एवं सेवा अभिलेख, विभिन्‍न एक्‍ट के नियम एवं पत्रावलियॉं विभिन्‍न बीमारियों की पत्रावलियॉ एवं रिपोर्ट, वित्‍तीय पत्रावलियॉं।

9.1 निर्णय लेने की प्रक्रिया:-
        राज्‍य सरकार द्वारा प्रदत विभिन्‍न नियमों के अनुरूप निर्णय लिये जाते हैं।

10.1 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निर्देशिकाः-
    परिशिष्‍ट.........पर उपलब्‍ध है।

11. प्रत्‍येक अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा प्रारूप मासिक पारिश्रमिक और इसके निर्धारण वेतनमान के अनुसार वेतन मान एवं भत्‍ते प्रदान किये जाते हैं।

12.1 विभाग का बजट वर्ष 2004 -05

13 अनुदान/ राज सहायता कार्यक्रमों के क्रियान्‍वय के रीतिः-

        अनुदान/ राज्‍य सहायता प्राप्‍त कार्यक्रमों की क्रियान्विति, अनुदान देने वाली ऐजेंसी द्वारा निर्धारित नियमों एवं वित्‍तीय लेखा नियम के अनुरूप किया जाता है।

  1. राष्‍टीय कुष्‍ठ रोग निवारण समिति

  2. राष्‍टीय क्षयरोग निवारण समिति

  3. राष्‍टीय अंधता रोग निवारण समिति

  4. राष्‍टीय मलेरिया समिति(12)

15 कृत्‍यों के निर्वहन के लिये स्‍थापित मानक/नियमः

  1. राजस्‍थान सेवा नियम

  2. राजस्‍थान चिकित्‍सा सेवा नियम

  3. राजस्‍थान सिविल सेवा ( वर्गीकरण, नियन्‍त्रण एवं अपील) नियम

  4. सामान्‍य वित्‍त एवं लेखा नियम

  5. विभिन्‍न समितियों के निर्धारित नियमों के अन्‍तर्गत निहित प्रक्रिया के तहत निर्णय लिये जाते हैं।

16  इलेक्‍ट्रोनिक रूप में उपलब्‍ध सूचनाऐं।

     विभागीय वेबसाइट http://rajswasthya.nic.in

17    सूचना प्राप्‍त करने के लिये नागरिकों को उपलब्‍ध सुविधाऐं।

    विभाग के द्वारा प्रतिवर्ष वार्षिक प्रतिवेदन जारी किये जाते हैं इसके अतिरिक्‍त नुक्‍कड नाटक,  प्रर्दशनियॉं,  प्रचार प्रसार के साधन जैसे बैनर्स, पोस्‍टर्स, पैम्‍पलेट आदि के माध्‍यम से सूचनाऐं उपलब्‍ध कराई जाती हैं।

18    अन्‍य उपयोगी जानकारियॉं:-
    नागरिक अधिकार पत्र् का विभाग के द्वारा पूर्व में प्रकाशन किया गया है जिसकी प्रति सुलभ सन्‍दर्भ हेतु संलग्‍न है।

18.2   सूचना प्राप्‍त करने के संबंध में:-

    आवेदक के द्वारा लिखित में सक्षम अधिकारी के सम्‍मुख प्रार्थना पत्र् प्रस्‍तुत करना होगा (सक्षम अधिकारियों की सूची, परिशिष्‍ठ संलग्‍न) एवं शुल्‍क के रूप में धारा/6 की उक्‍त धारा (1) के तहत रूपये दस नकद/डी.डी./ बैकर्सचेक(लोक प्राधिकरण को देय) के राजकोष में जमा करवाना होगा।

सूचना देने के लिए धारा/7 की उक्‍त धारा(1) के तहत निम्‍न प्रकार से शुल्‍क देय होगा।

(क) प्रति पृष्‍ठ (ए-4 अथवा ए-3) रूपये 2 मात्र्

(ख) बडी साईज के लिये शुल्‍क व्‍यय की गई कीमत के बराबर

(ग) सेम्‍पल अथवा मोडल का वास्‍तविक मूल्‍य

केवल रिकार्ड देखने के लिए-प्रथम घंटा- कोई शुल्‍क नहीं, तत्‍पश्‍चात रूपये पॉंच प्रति 15 मिनट के हिसाब से देय होगा।

धारा/7 की उप धारा (5) के अर्न्‍तगत निम्‍न प्रकार से शुल्‍क होगा

(क) फ्लोपी में सूचना लेने के लिए - 50रूपये प्रति फ्लोपी

(ख) प्रिर्न्‍टड कापी के लिए- 2 रूपये प्रति पृष्‍ठ

सूचना न देने एवं अपील करने के संबंध में

निश्चित समय सीमा में सूचना प्राप्‍त न होने या सूचना से असहमत होने की स्थिति में तीस दिवस के अन्‍दर की समय सीमा में या सूचना मिलने के समय से तीस (30) दिवस में अधिकारीं (उच्‍च अपील अधिकारी) ) संलग्‍न सूची अनुसार को अपील कर सकेंगें।