राष्‍ट्रीय कुष्‍ठ रोग उन्‍मूलन कार्यक्रम

राजस्‍थान राज्‍य में ''राष्‍ट्रीय कुष्‍ठ उन्‍मूलन कार्यक्रम'' वर्ष 1970-71 से केन्‍द्र सरकार की सहायता से प्रारम्‍भ किया गया था। वर्तमान में यह कार्यक्रम केन्‍द्र व राज्‍य सरकार द्वारा संयुक्‍त रूप से चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्‍यम से कुष्‍ठ रोगियों की पहचान कर उन्‍हें विकलांग एवं कुरूप होने से बचाया जा रहा है।

कार्यक्रम के मुख्‍य उद्देश्‍य:-

  1. कुष्‍ठ रोग का प्राथमिक अवस्‍था में शीघ्र निदान।

  2. संक्रामक रोगियों का शीघ्र उपचार कर संक्रमण की रोकथाम।

  3. नियमित उपचार द्वारा विकलांगता से बचाव।

  4. विकृतियों का उपचार कर रोगियों को समाज का उपयोगी सदस्‍य बनाना।

  5. स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा द्वारा समाज में इस रोग क सम्‍बन्‍ध में फैली गलत अवधारणाओं को दूर करना।

इन उद्देश्‍यों की प्राप्ति हेतु राज्‍य स्‍तर पर राज्‍य कुष्‍ठ रोग अधिकारी के अधीन एक प्रकोष्‍ठ स्‍थापित किया गया है।
इसके अतिरिक्‍त राज्‍य में निम्‍नांकित इकाईयां कार्यरत हैं।

1 जिला कुष्‍ठ रोग अधिकारी जोधपुर, बांरा, जयपुर, नागौर।
2 कुष्‍ठ रोग नियन्‍त्रण इकाई भरतपुर, बून्‍दी, झालावाड, उदयपुर, गंगानगर, कोटा ।
3 शहरी कुष्‍ठ रोग केन्‍द्र जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, ई.एस.आई. चिकित्‍सालय, जयपुर।
4 20 शैय्याओं वाले कुष्‍ठ रोग वार्ड जयपुर, जोधपुर, उदयपुर एवं बीकाने क आयुर्विज्ञान महाविद्यालय से संलग्‍न सामान्‍य चिकित्‍सालय।
5 कुष्‍ठ रोग चिकित्‍सालय जयपुर, जोधपुर।
6 जिला कुष्‍ठ रोग स्‍केल्‍टन यूनिट (डिस्‍ट्रीक्‍ट न्‍यूक्लिलयस) समस्‍त राजस्‍्थान ।